Murgi Zibah Karne Ki Dua: आज हम एक बहुत अहम और दिलचस्प टॉपिक पर बात करने वाले हैं – मुर्गी ज़िबह करने की दुआ और सही तरीका।
कई लोग इस बारे में कन्फ्यूज़ रहते हैं कि आखिर मुर्गी हलाल करते वक्त कौन-सी दुआ पढ़नी चाहिए और उसका सही तरीका क्या है। इस आर्टिकल में आपको सब कुछ आसान भाषा में मिलेगा।
Murgi Zibah Karne Ki Dua
जब आप मुर्गी को ज़िबह करें तो ये दुआ पढ़ें:
🕋 Murgi Zibah Karne Ki Dua Hindi
नवैतुअन अजबाहा हाजल हैवाना बे हैसू युखरजू अन्हुदमुल मसफूहु वतकुनो लहमहु हलालल लि जमिईल मुमिनिना वल मुमिनाती वल मुसलीमिना वल मुसलीमाती
बिस्मिल्लाही अल्लाहु अकबर ×3
🕌 Murgi Zibah Karne Ki Dua Arbi Me
نَوَيْتُ أَنْ أَذْبَحَ هٰذَا الْحَيَوَانَ بِحَيْثُ يُخْرَجُ عَنْهُ الدَّمُ الْمَسْفُوحُ وَتَكُونُ لَحْمُهُ حَلَالًا لِجَمِيعِ الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ وَالْمُسْلِمِينَ وَالْمُسْلِمَاتِ.
3بِسْمِ اللهِ اللهُ أَكْبَرُ
🔤 Murgi Zibah Karne Ki Dua In English
Nawaitu an azbaha haazal haiwana be haisu yukhraju anhudamul masfuhu watakuno lahmahu halaalal lijami il muminina wal muminati wal muslimina wal muslimati
Bismillahi Allahu Akbar ×3
मुर्गी जिबह करने का तरीका
मुर्गी को हलाल करने के लिए इस्लाम में कुछ खास बातें बताई गई हैं, जिनका ध्यान रखना ज़रूरी है:
- ज़िबह करने वाला मुसलमान होना चाहिए।
- कोई समझदार बच्चा भी, जो मुसलमान हो, ज़िबह कर सकता है।
- ज़िबह करते वक्त ज़रूरी है कि मुर्गी हलाल करने की दुआ ज़ुबान से पढ़ी जाए ।
- दुआ सिर्फ एक बार पढ़ना काफी है।
- दुआ पढ़ने के बाद ही गला पर छुरी चलाना चाहिए।
जानवर ज़िबह करते वक्त वुज़ू होना ज़रूरी है क्या?
बहुत लोग पूछते हैं कि मुर्गी या कोई भी जानवर हलाल करने से पहले वुज़ू होना ज़रूरी है या नहीं? इसका जवाब है ज़रूरी तो नहीं है लेकिन अगर आप वुज़ू कर लें तो और भी अच्छा है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुर्गी हलाल करने की दुआ क्या है?
بِسْمِ اللَّهِ الله أكبر
ये दुआ कब पढ़नी चाहिए?
जब आप मुर्गी का गला काटने लगें।
दुआ कितनी बार पढ़नी होती है?
सिर्फ एक बार, और ज़ुबान से।
मुर्गी को हलाल कौन कर सकता है?
सिर्फ मुसलमान मर्द, औरत और समझदार बच्चा।
आख़िरी शब्द
अब आपको साफ-साफ समझ में आ गया होगा कि मुर्गी ज़िबह करने की दुआ क्या है और उसे किस तरह पढ़ना चाहिए। अगर आप इन आसान बातों का ख्याल रखेंगे तो सही तरीके से मुर्गी को हलाल कर पाएंगे और सवाब भी मिलेगा।
हमेशा याद रखें दुआ के साथ-साथ नियत साफ होना भी ज़रूरी है। फी अमानिल्लाह! अल्लाह हम सब को नेक व जायज़ काम करने की तौफीक अता फरमाए।