Rizq Ki Dua: रिज़्क में बरकत के लिए असरदार दुआ और वज़ीफा

Rizq Ki Dua: क्या आप भी चाहते हैं कि आपकी ज़िंदगी से हमेशा पैसे की तंगी दूर हो जाए और रिज़्क में ढेर सारी बरकत हो? अगर हाँ, तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है।

आज हम बात करेंगे रिज्क की दुआ और कुछ ऐसे आसान रिज्क के लिए वाज़ीफे के बारे में जिन्हें अपनाकर आप न सिर्फ़ अपने कारोबार और आमदनी में बरकत पा सकते हैं बल्कि दिल की सुकून भी हासिल करेंगे।


🌙 रिज़्क क्या है और बरकत क्यों ज़रूरी है?

रिज़्क का मतलब सिर्फ़ पैसा नहीं होता। बल्कि इसमें शामिल है:

  • हलाल रोज़ी
  • अच्छी सेहत
  • सुकून और चैन
  • नेक औलाद और खुशहाल घर

लेकिन अक्सर हम लोग पैसे की तंगी, कर्ज़ और काम में रुकावटों से परेशान रहते हैं। यही वजह है कि कुरआन और हदीस में हमें कई ऐसी रिज्क की दुआ बताई गई हैं जिनसे इंसान की रोज़ी आसान और बरकत वाली बनती है।


🕌 पहला कदम – नमाज़ से रिज़्क खुलता है

अगर आप रिज़्क की बरकत चाहते हैं तो सबसे पहले नमाज़ की पाबंदी करें। खासकर फज्र की नमाज़ छोड़ना भारी नुक़सान है। हदीस में आता है:

“जो शख्स फज्र की नमाज़ नहीं पढ़ता, फरिश्ते उसका रिज़्क वापस ले जाते हैं।”

यानी फज्र पढ़ना रिज़्क का दरवाज़ा के समान। अगर ये दरवाज़ा बंद कर देंगे तो बरकत कैसे आएगी? इसीलिए किसी भी हाल में नमाज़ ए फज्र जरुर अदा करें।


🌹 फ़ातिमा ज़हरा (र.अ.) की तस्बीह

हमारी उम्मुल मोमिनीन हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (र.अ.) अपनी रोज़ी और रिज़्क के लिए जो तस्बीह पढ़ती थीं, वो बहुत असरदार है।

हर नमाज़ के बाद पढ़ें:

  • 33 बार अल्हम्दुलिल्लाह
  • 33 बार सुब्हानल्लाह
  • 34 बार अल्लाहु अकबर

फायदे:

  • कारोबार और नौकरी दोनों में बरकत होती है
  • तंगी और कर्ज़ से निजात मिलती है
  • घर में बरकत और सुकून आता है सवाब भी मिलता है

इसे ज़रूर अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में शामिल करें।


🕋 सबसे असरदार कलिमा – Rizq Ki Dua

एक बहुत ताक़तवर कलिमा है जिसे आप रोज़ाना पढ़ सकते हैं:

हिंदी में:

इल्लल्लाहुल मलिकुल हक़्कुल मोबीन

अरबी में:

لا إله إلا الله الملك الحق المبين

English Transliteration:

La ilaha illallahul malikul haqqul mubin

📌 इमाम अली (र.अ.) फरमाते हैं:
“जो शख्स इस कलिमे को दिन में 100 बार पढ़ेगा, उसके लिए गरीबी के सारे दरवाज़े बंद कर दिए जाएंगे।”

👉 आप चाहें तो इसे 30 बार भी पढ़ सकते हैं।


💰 Rizq Me Barkat Ki Dua

Rizq Me Barkat Ki Dua

In Hindi

अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिन अब्दिका व रसूलिका व अला अल्-मु’मिनीना वल्-मु’मिनाती व अला अल्-मुस्लिमीना वल्-मुस्लिमाति

In Arabic

اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ عَبْدِكَ وَرَسُولِكَ وَعَلَى الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ وَعَلَى الْمُسْلِمِينَ وَالْمُسْلِمَاتِ

In English

Allahumma Salli ‘ala Muhammadin ‘Abdika wa Rasoolika Wa ‘ala al-Mu’minīna Wal-Mu’mināti Wa ‘ala al-Muslimīna Wal-Muslimāti


🌅 फज्र के बाद की दुआ

हज़रत जाफ़र बिन मोहम्मद अल-सादिक (र.अ.) फरमाते हैं:

“जो शख्स फज्र की नमाज़ पढ़कर सूरज निकलने तक दुआ करता है, उसके लिए बरकत बेमिसाल होती है।”

इसलिए कोशिश करें कि फज्र के बाद थोड़ा वक्त दुआ और तस्बीह में ज़रूर दें।


📖 रिज़्क बढ़ाने की एक और दुआ

कुरआन में आई ये दुआ भी बहुत असरदार है:

اللَّهُ لَطِيفٌ بِعِبَادِهِ يَرْزُقُ مَن يَشَاء وَهُوَ الْقَوِيُّ الْعَزِيزُ

Allahu latifun bi’ibaadihi yarzuqu man yashaa wahuwa al-qawiyyul ‘aziz

इस दुआ को आप किसी भी वक्त पढ़ सकते हैं और जितनी बार चाहें उतनी बार दोहरा भी सकते हैं।


🏠 घर में दाखिल होते वक्त सलाम करना

कभी गौर किया है? जब आप घर में दाखिल होते हैं और सलाम करते हैं तो:

  • घर से बलाएँ दूर होती हैं
  • रिज़्क में बरकत होती है
  • माहौल में प्यार और सुकून आता है

छोटी सी आदत है, लेकिन बहुत बड़ा असर डालती है।


📌 रिज़्क बढ़ाने के आसान टिप्स

  • हमेशा हलाल कमाई करें
  • शुक्र अदा करें अल्हम्दुलिल्लाह कहना न भूलें
  • सदक़ा करें – जितना देंगे उतना ही ज्यादा मिलेगा
  • गुनाहों से बचें – गुनाह रिज़्क को रोक देते हैं
  • सुबह जल्दी उठें – फज्र ही बरकत की कुंजी है

✅ आख़िरी शब्द

अगर आपकी जिंदगी में पैसे की कमी, रिज़्क की तंगी या कर्ज़ की टेंशन है, तो इन Rizq Ki Dua Aur Wazifa को दरूद शरीफ़ के साथ पढ़ना शुरू करें।

इंशाअल्लाह, बहुत जल्द आपको फर्क नज़र आएगा याद रखें – मेहनत + दुआ = बरकत वाली जिंदगी। आपकी ज़िन्दगी खुशहाल और रौशन नज़र आएगी।

My name is Firdoush, and I am the Editor and Writer at Alseza. I am a Sunni Muslim from Ranchi, India, with experience in teaching and writing about Islam since 2019. My work focuses on creating and sharing authentic Islamic duas and content aimed at pleasing Allah ﷻ and seeking His blessings.